Home Featured क्या दुनिया का आठवां अजूबा बनेगा दरभंगा एम्स का गेट? आखिर क्यों बार बार उठ रहा सवाल! पढ़िए रिपोर्ट।

क्या दुनिया का आठवां अजूबा बनेगा दरभंगा एम्स का गेट? आखिर क्यों बार बार उठ रहा सवाल! पढ़िए रिपोर्ट।

11 साल में एम्स की पहचान बना भव्य प्रवेश द्वार, अस्पताल का मुख्य निर्माण अब भी इंतजार में।

दरभंगा: दरभंगा एम्स को लेकर एक सवाल इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है—क्या दरभंगा एम्स का मुख्य गेट ही दुनिया का आठवां अजूबा बनने वाला है?

Advertisement

बिहार के दूसरे एम्स के रूप में दरभंगा में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा हुए करीब 11 साल हो चुके हैं। लेकिन इतने लंबे इंतजार के बाद भी मुख्य अस्पताल भवन और अकादमिक ब्लॉक का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। यही वजह है कि एम्स परिसर का मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल अब इस परियोजना की देरी की पहचान बन चुके हैं।

दरअसल, केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 में दरभंगा एम्स को 1,264 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी थी। बाद में मार्च 2026 में इसकी संशोधित लागत बढ़कर 2,006.07 करोड़ रुपये हो गई। सरकार के अनुसार अब परियोजना को पूरा करने के लिए 40 महीने की समयसीमा तय की गई है।

Advertisement

सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस एम्स में 750 बेड का अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं विकसित होनी हैं, वहां अभी तक आम लोगों की नजर में सबसे प्रमुख निर्माण उसका गेट ही बना हुआ है।

आरटीआई से सामने आई जानकारी के मुताबिक मुख्य अस्पताल, अकादमिक ब्लॉक और आवासीय परिसर जैसे बड़े निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुए हैं। इसी वजह से लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एम्स कब बनेगा और इलाज कब शुरू होगा?

दरभंगा के लोगों के लिए एम्स सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी उम्मीद है। ऐसे में सवाल सिर्फ गेट की खूबसूरती का नहीं, बल्कि यह है कि इस गेट के पीछे अस्पताल की इमारत कब खड़ी होगी और मरीजों को इलाज कब मिलेगा?

क्या दरभंगा एम्स का गेट इतिहास बनेगा या एम्स की देरी का प्रतीक? यही सवाल अब सबसे बड़ा है।

Share