Home Featured बिना बजट के शिक्षा सुधार की बात बेमानी : देवाशीष।
February 15, 2020

बिना बजट के शिक्षा सुधार की बात बेमानी : देवाशीष।

दरभंगा : ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी के अखिल भारतीय सचिव मंडल सदस्य देवाशीष राय ने बतौर मुख्य अतिथि ने कहा कि बिना बजट के शिक्षा सुधार की बात करना बेमानी है। उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब आदमी भी आज सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढाना नहीं चाहता। यह मानसिकता सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के कारण बनी है। सरकार शिक्षा पर खर्च की अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही है। श्री राय स्थानीय एमएलएसएम कॉलेज में आॅल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी के तत्वावधान में आयोजित कन्वेंशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एजुकेशन शेष के नाम पर जनता से इकट्ठा किया गया धन भी शिक्षा पर खर्च नहीं किया जाता है। शिक्षा बजट लगातार घटाया जा रहा है। विषय प्रवेश कराते हुए इतिहासकार और कमिटी के अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र कुमर ने कहा कि एनइपी 2019 पूर्व की तरह शिक्षा का सम्पूर्ण निजीकरण-व्यापारीकरण करने वाली नीति है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रभानु प्रसाद सिंह ने कहा कि एनइपी 2019 में धार्मिक शिक्षण संस्थानों मकतब, गुरूकुल, चर्च आदि में शिक्षा देने की बात कर रही है। जबकि शिक्षा को धर्म से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए। इग्नू के निदेशक डॉ. शम्भु शरण सिंह ने कहा कि दुनियां में सबसे विद्यार्थी देने वाला देश भारत है। इसे ध्यान में रखकर ही शिक्षा नीति तैयार करनी चाहिए। कार्यक्रम के अध्यक्ष, प्राचार्य डॉ. विद्यानाथ झा ने कहा कि सरकारी संस्थानों की व्यवस्था को चौपट कर निजीकरण को बढावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति सरकारी संस्थानों के लिए निराशाजनक है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सतीश कुमार सिंह और धन्यवाद ज्ञापन मुजाहिद आजम ने किया। इस मौके पर डॉ. प्रभु नारायण झा, डॉ. रामचंद्र सिंह चंद्रेश, डॉ. अमरकांत कुमर, हीरालाल सहनी, डॉ. उमेश कुमार शर्मा, एआईडीएसओ के राज्य सचिव विजय कुमार, राजू कुमार, जिला संयोजक ललित कुमार झा, हरेराम कुमार, छवि कुमार, रौशन कुमार, दुर्गानंद शर्मा, विपुल कुमार, डॉ. सुरेश महतो, डॉ. राजेश कुमार राम आदि ने भी विचार व्यक्त किये।

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