Home Featured 11 वर्षीय बच्चे की हत्या से लोगों में आक्रोश, एसएसपी ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर किया मुआयना।
2 weeks ago

11 वर्षीय बच्चे की हत्या से लोगों में आक्रोश, एसएसपी ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर किया मुआयना।

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दरभंगा: शुक्रवार को जिले के मब्बी ओपी क्षेत्र से एक हृदय विदारक घटना सामने आयी जहाँ एक ग्यारह साल के बच्चे की निर्मम हत्या कर दी गयी।
मब्बी ओपी क्षेत्र के सिमरा-नेहालपुर स्थित लक्ष्मी दाई मंदिर के पश्चिम बगीचा में एक बच्चे की हत्या कर दी गई। शक्रवार की सुबह बच्चे का शव आम बगीचे के बगल स्थित बांसवाड़ी से बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई। मृतक की शिनाख्त विवि थाना क्षेत्र के बालूघाट निवासी मनोज कुमार सहनी के पुत्र आतिश कुमार सहनी (11) के रुप में की गई है। वह आजमनगर मोहल्ला स्थित अपने ननिहाल में रह रहा था। गुरुवार को पांच बजे शाम से वह लापता था, देर रात तक स्वजन उसे खोजते रहे। लेकिन, वह नहीं मिला। आतिश के शरीर पर कई जख्म के निशान मिले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्वजन सहित स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। आजमनगर दुर्गा मंदिर के पास लोगों ने मब्बी-कादिराबाद सड़क को बांस-बल्ला से जाम कर दिया। सड़क पर आगजनी कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। घटना की सूचना पर ओपी प्रभारी गौतम कुमार घटना स्थल पहुंचे और शव को कब्जे में लेने की कोशिश की। लेकिन, आक्रोशित लोग डॉग स्कॉयड और एफएसएल टीम को बुलाने की मांग करने लगे। काफी मशक्कत के बाद आक्रोशितों को शांत कराया गया। इसके बाद पुलिस शव को कब्जा में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जाम हो हटाया गया। इधर, सदर एसडीपीओ अनोज कुमार और डॉग स्कॉयड की टीम भी घटना स्थल पहुंची। इस दौरान खोजी कुत्ता घटना स्थल से बरामद एक रिवन को सुंघने के बाद लगभग आधे किमी की दूरी स्थित स्व. महेंद्र राम के घर पहुंचा। जहां स्व. राम की पत्नी शांती देवी मिली। लेकिन, घर के सभी सदस्य फरार थे। दोबारा खोजी कुत्ता उसी घर में प्रवेश किया और जाकर बैठ गया। इसके बाद पुलिस ने शांति देवी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ करने में जुटी है। उसके घर से कुछ बाल बरामद किया गया। साथ ही आंगन-घर ताजा मिट्टी-गोबर से निपाई किया हुआ पाया गया। यह जानने में पुलिस लगी है। बताया कि शांति देवी का एक आम का पेड़ घटना स्थल के पास है, जिसमें फल लगा हुआ है। इधर, एसएसपी बाबू राम ने घटना स्थल का जायजा लिया और आस-पास के लोगों से काफी देर पूछताछ की। शाम में मुजफ्फरपुर से एफएसएल की टीम भी पहुंची और घटना स्थल से कई साक्ष्य के नमूने को सुरक्षित साथ ले गई। आतिश के शव को देखने से प्रतिति हुआ है? कि उसके साथ पहले मारपीट की गई, इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। यही कारण है कि घटनास्थल दो पाया गया है। आम के बगीचा से खून पाया गया, जबकि बांसवाड़ी से उसका शव। लाश को मृतक के ही दुपट्टा से बांस से बांध दिया गया था।
इधर, अतिश के पिता ने बताया कि 25 जून को भी अपने परिवार के साथ आजमनगर स्थित अपने ससुराल आए थे। शाम के करीब पांच बजे आतिश अपनी मां का दुपटटा कमर में बांध कर चला गया। इसके बाद जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटा तो स्वजन उसकी खोजबीन करने लगे। इस बीच परिजनों की आशंका हुई कि कहीं आतिश नदी में डूब तो नहीं गया। इसके बाद कुछ लोग बागमती नदी में उसकी खोजबीन करने लगे। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। सुबह स्थानीय लोग जब शौच के लिए बगीचा की ओर गए तो बांसबाड़ी के पास बच्चे की लाश दिखाई पड़ी। इसके बाद लोगों ने हल्ला किया। मौके पर विवि, सदर, नगर, सिमरी थानाध्यक्ष सहित दंगा नियंत्रण दस्ता के जवान मौजूद थे। इधर, एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बहुत जल्द मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

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