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3 weeks ago

शहरी क्षेत्र से जल निकासी को लेकर डीएम ने जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक।

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दरभंगा: गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में अम्बेदकर सभागार में आगामी 15 जून से संभावित वर्षा के दौरान दरभंगा शहरी क्षेत्र को जल-जमाव से मुक्त रखने तथा तीव्र गति से जल-निकासी को लेकर नगर विधायक संजय सरावगी एवं महापौर बैजयंती खेड़िया की उपस्थिति में नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ बैठक की गयी। इस बैठक में नगर आयुक्त ऑनलाईन जुड़े हुए थे।

जिलाधिकारी ने कहा कि दरभंगा शहरी क्षेत्र में जल-जमाव होने पर लोगों को काफी परेशानी होती है। और आगामी 15 जून से वर्षा होने की संभावना है। इसलिए शहरी क्षेत्र के सभी नालों एवं कलवर्ट की सफाई व उड़ाही 15 जून से पहले हो जानी चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्र के 35 नालों की सूची है, जिनमें 27 की उड़ाही पूर्ण रूपेण दिखाया जा रहा है साथ ही 8 नालों में उड़ाही का कार्य चालू दिखाया जा रहा है। अतः अगले 10 दिनों में बचे हुए सभी नालों का पूर्ण रूप से उड़ाही एवं सफाई हो जाना चाहिए। साथ ही जिन नालों को पूर्ण रूपेण सफाई किया हुआ गया है, उसे भी पुनः देख लिया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि भ्रमण के दौरान उन्होंने बागमती नदी में गीदरगंज के पास जल निकास बिन्दु पर कचरा जमा हुआ पाया था, जिसे नगर निगम द्वारा साफ करवा लिया जाए।

इस बैठक से ऑनलाइन जुड़े नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा ने बताया कि इस बार जल-निकासी हेतु विगत वर्ष से बेहतर तैयारी की गयी है। यास चक्रवात के दौरान शहरी क्षेत्र में जल-जमाव केन्द्र को चिन्ह्ति कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास 25 वाटर पम्प हैं। यास चक्रवात के दौरान 15 पम्प का ही प्रयोग कर जल-निकासी बहुत कम समय में कर लिया गया था। हवा बन्द होने के पश्चात् जल निकासी हेतु पम्प चलाया गया था।

बता दें कि, शहरी क्षेत्र से जल-निकासी के दो रास्ते हैं, एक रेलवे लाईन के बगल से होते हुए कमला नदी की और तथा दूसरा बागमती नदी की ओर।

नगर आयुक्त ने कहा कि बरसात के लिए चिन्ह्ति स्थलों पर जल निकासी हेतु पम्प स्थापित कर दिये गये हैं। इसलिए बारिश के दौरान जल की निकासी तेजी से की जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे लाईन के साथ-साथ 3 से 3.5 किलोमीटर तक कच्चा नाला है। कहीं-कही बीच में जलकुम्भी आ जाने से पानी के बहाव की गति धीमी हो जाती है। नगर आयुक्त ने बताया कि इस नाले की उड़ाही करायी गयी है और कई जगहों पर अभी भी काम चल रहा है।

जिलाधिकारी द्वारा इस कच्चे नाले के स्थायी सामाधान हेतु इसे पक्कीकरण करने के लिए रेलवे से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करके, पक्कीकरण करने का प्राक्कलन बनवाने के निर्देश दिये गये। वहीं बैठक में उपस्थित रेलवे अधिकारी ने बताया कि नगर-निगम को अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान कर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जहां-जहां स्लूईस गेट हैं, उसे दिखवा लिया जाए और तेजी से जल निकासी हेतु पम्प की व्यवस्था पूर्व से ही रखी जाए।

नगर आयुक्त ने बताया कि तीव्र गति से जल निकासी हेतु 80 एच.पी. का वाटर पम्प किराया पर लेने की योजना है। उन्होंने कहा कि जहाँ पहले पानी चार महीनों में नही निकलता था, वहीं अब यह पानी तीन से चार दिनों में निकल जाता है।

बैठक में उप नगर आयुक्त ने बताया कि रेलवे लाईन के किनारे वाले कच्चे नाले की जमीन पर कहीं-कहीं अतिक्रमण है जिसके कारण नाला अवरुद्ध हो गया है। गुमटी नम्बर- 22, 23 एवं 24 जो कि वार्ड संख्या- 44 एवं 45 में पड़ता है उसके समीप दो से तीन जगहों पर अतिक्रमण है।

जिलाधिकारी ने इन अतिक्रमण स्थलों को चिन्हित करने का निर्देश दिया व कहा कि सूची दे, इसे अंचलाधिकारी व अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अतिक्रमण मुक्त करवा दिया जाएगा।

बैठक में नगर विधायक ने कई नालों एवं कलवर्ट की सफाई की आवश्यकता बतायी। जिसमें रेलवे लाईन के बगल वाले नाले का प्रारंभिक बिन्दु 22 नम्बर गुमटी, चट्टी चौक के पास, हसन चौक से जाने वाले नाले में, सकरी मोड़ कलवर्ट के पास, रैंक प्वांइट से सारा मोड़ के बीच, खाजासराय से मिर्जापुर तक के नालों, वार्ड संख्या 1 से 4 के लिए बने कलवर्ट और इसके शहरी क्षेत्र के सभी नालों को पुनः चेक करवा लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन्दिरा गाँधी चौक से एक बड़ा नाला गया है, उसकी भी सफाई की भी आवश्यकता है।

साथ ही उन्होंने कंगवा गुमटी से सारा मोहनपुर अवस्थित डी.ए.भी. तक 01 किलोमीटर नाले में व रैंक प्वांइट से सारा मोड़ कलवर्ट तक पोकलेन से नाला उड़ाही करवाने का सुझाव दिया। लक्ष्मीसागर में गैस गोदाम से होते हुए सिंहोड़ा नहर तक, गायंत्री मंदिर से गुदरी बाजार तक व जिला परिषद् के पीछे वाले क्षेत्र में नालों के गाद की सफाई करवाने का सुझाव दिया। साथ ही खराजपुर में करसाला नाला की उड़ाही एवं पक्कीकरण की आवश्यकता बतायी।

डीएमसीएच में जल जमाव के संबंध में उन्होंने बताया कि वहाँ उडको द्वारा नाला एवं कलवर्ट बनवाया जाना है, यह कार्य विगत डेढ़ साल से लंबित हैं। कलवर्ट बन जाने से डीएमसीएच में जल-जमाव की समस्या समाप्त हो जाएगी।

डीएमसीएच अधीक्षक कार्यालय के समीप से मुख्य नाला में 1200 फीट तक नाले का निर्माण अतिशीघ्र करने हेतु उडको के अभियंता को निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि संवेदक शीघ्र कार्य नहीं प्रारंभ करता है तो उसके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। वहाँ नाले एवं कलवर्ट नहीं बनने के कारण डीएमसीएच में काफी जल-जमाव हो जाता है।

उडको के कार्यपालक अभियंता का सभी बैठको में लगातार अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लिया गया और नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को प्रतिवेदित करने के निर्देश दिया गया। उन्होंने जल निस्सरण विभाग एवं नगर निगम के पदाधिकारियों को कहा कि कहीं अतिक्रमण की समस्या है तो अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी से सम्पर्क कर लें। त्वरित गति से अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।

बाद में विधायक ने सम्पूर्ति पोर्टल के लिए लाभुकों की सूची अद्यतन करने को लेकर किये जा रहे सर्वें की सराहना की तथा कहा कि विगत वर्ष जिन योग्य लाभुकों के नाम छूट गये थे, उनका नाम जोड़ना आवश्यक है। जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी योग्य लाभुक छूटने न पाये तथा गलत नाम रहने न पाये। यदि कहीं लाभुकों की संख्या अधिक है तो उस अनुरूप सूची तैयार की जा सकती है, लेकिन कोई भी गलत नाम रहने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई होगी।

बैठक में सहायक समाहर्त्ता अभिषेक पलासिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, सदर अनुमण्डल पदाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं अभियंतागण उपस्थित थे।

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