Home Featured प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को भेजा गया मिथिलाक्षर में लिखा पत्र।
2 weeks ago

प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को भेजा गया मिथिलाक्षर में लिखा पत्र।

दरभंगा: मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के आठवें स्थापना दिवस के उपलक्ष में शनिवार को मिथिलाक्षर साक्षरों ने देश के विभिन्न हिस्सों में धरोहर मातृलिपि में पोस्टकार्ड लिखकर प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को भेजने का अभियान चलाया. इसके अंतर्गत अभियानियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम लाखों की संख्या में मिथिलाक्षर में पोस्टकार्ड लिखकर उनसे मिथिला की धरोहर लिपि मिथिलक्षर के संरक्षण एवं संवर्धन की अपील की.

जानकारी देते हुए अभियान के वरीय संरक्षक प्रवीण कुमार झा ने बताया कि अभियान की ओर से मनाये जा रहे स्थापना दिवस पखवाड़ा के अंतर्गत शुरू किया गया यह पोस्टकार्ड लिखो अभियान आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि रविवार को स्थापना दिवस पखवाड़ा के समापन अवसर पर सोशल मीडिया के ट्वीटर प्लेटफार्म पर हैशटैग मिथिलक्षर लिपि का मेगा ट्रेंड चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को मातृलिपि में पत्र लिखकर मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के अभियानी काफी उत्साहित हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस अभियान के बाद मिथिला के धरोहर लिपि के दिन बहुरेंगे.

अभियान के संस्थापक सह मैथिली पुनर्जागरण प्रकाश के संपादक पं अजय नाथ झा शास्त्री ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से पोस्टकार्ड भेजने के साथ-साथ देश के बाहर रहने वाले मिथिलाक्षर में साक्षर हो चुके अप्रवासी मैथिल ई-मेल भेजकर मिथिलाक्षर के उन्नयन की प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अपील कर रहे हैं. जबकि इन पत्रों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित कर आम लोगों को इस धरोहर लिपि के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि देश के अधिकतर हिस्सों में पोस्टकार्ड की कमी को देखते हुए अभियानी अपने मन की बात देश के दोनों शीर्ष पुरुष के सामने रखने के लिए अंतर्देशीय पत्र एवं लिफाफा का भी धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान से आम लोगों में मातृलिपि के प्रति ममत्व जगने के साथ-साथ पत्र लेखन का कला कौशल भी स्वत: विकसित हो रहा है.

Share

Check Also

शिक्षिकाओं केलिए एकदिवसीय विधिक जागरूकता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन।

दरभंगा: नागरिक सेवा और कानूनी सेवा प्राप्त करना सभी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। सभी जरू…