Home Featured वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह महापुराण यज्ञ।
1 week ago

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह महापुराण यज्ञ।

दरभंगा: श्री शारदा इंस्टीट्यूशन परिवार और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी विकासात्मक समिति द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा सप्ताह महापुराण यज्ञ का शुभारंभ बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। भागवत कथा का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद सदस्य हरी सहनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कथा के पहले दिन आचार्य श्री वेदानंद शास्त्री आनंद ने भागवत का व्याख्यान करते हुए कहा कि मानव जीवन प्राप्त जीव को नियमित जीवनचर्या जीना चाहिए। तभी आपको अपने अभीष्ट की प्राप्ति हो सकती है। आप चाहे भौतिक जीवन शैली को प्रश्रय दे या भगवान का आश्रय लें।प्रत्येक मानव के सिर पर तीन प्रकार के ताप यथा दैविक, दैहिक और भौतिक ताप रहता है। अतः सदैव अपने आपको संयमित जीवन जीना चाहिए। कलियुग में सत्कर्म, भागवत कथा का श्रवण, चिंतन और मनन करने को कहा गया है। हरेक जीव की यही आंतरिक इच्छा रहती है की उनके जीवन में किसी प्रकार के दुःख और समस्या न आये। परंतु जीव के पूर्वार्जित धर्मं और प्रारब्ध पर भी तो निर्भर है। उन्होंने कहा कि हमें सदैव सात्विक भोजन और सत्य वचन का पालन एवं अनुसरण करना चाहिए। जैसा हमारा चित्त रहेगा वैसी हमारी चित्तवृत्ति होगी। जिसने भी आर्तभाव और दीनता से प्रभु को पुकारा है उनपर प्रभु की कृपा प्राप्त हुई है। भगवन श्रीकृष्ण ने दुर्योधन द्वारा अर्पित छप्पन भोग का त्याग करते हुए विदुर जी के घर विदुरानी द्वारा समर्पित भोग को स्वीकार किये। विदुरजी का निर्मल प्रेम ही प्रभु को विवश किये। विदुर जी के अनन्य प्रेम के वशीभूत श्री भगवान ने केले के छिलके और सूखे साग को स्वीकार किए हैं। भक्त के वश में भगवान है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण विदुरजी पर कृपा से है। मौके पर समिति के कार्यकारिणी अध्यक्ष ललन कुमार झा, आयोजक रवींद्र नाथ सिंह आदि मौजूद थे।

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