Home Featured निर्धारित अवधि में दायर वादों का सार्थक निराकरण करें सभी लोक प्राधिकार: डीएम।
4 weeks ago

निर्धारित अवधि में दायर वादों का सार्थक निराकरण करें सभी लोक प्राधिकार: डीएम।

दरभंगा: दरभंगा के डीएम राजीव रौशन ने सभी लोक प्राधिकार को पत्र निर्गत किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें आम जनों को निर्धारित अवधि में उनके द्वारा दायर वादों का सार्थक निराकरण किया जाता है। इस अधिनियम के अंतर्गत दायर वादों का निराकरण 60 कार्य दिवस में करने का प्रावधान है।

Advertisement

उन्होंने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दायर मामलों की सुनवाई के क्रम में यह ज्ञात हो रहा है कि लोक प्राधिकार परिवादों, अपील वादों की सुनवाई में स्वयं उपस्थित न होकर अत्यंत न्यूनतम सोपान के कर्मी अथवा वैसे कर्मी जिन्हें विषय वस्तु की जानकारी नहीं हो, को उपस्थित होने को बिना प्राधिकृत किए सुनवाई में भेज दिया जाता है। इससे परिवादियों, अपीलकर्ताओं द्वारा भी रोष व्यक्त किया जाता है। साथ ही कुछ लोग प्राधिकार ऐसे भी हैं जो सुनवाई में कभी उपस्थित नहीं होते हैं।

Advertisement

उन्होंने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम में यह स्पष्ट निदेश है कि लोक प्राधिकार सुनवाई में स्वयं उपस्थित हों। यदि अपरिहार्य कारण से लोक प्राधिकार स्वयं उपस्थित नहीं होते हैं तो वैसी स्थिति में अपने किसी अधीनस्थ पदाधिकारी जो परिवाद के विषय वस्तु से भलीभांति अवगत हों, को सुनवाई में भाग लेने को प्राधिकृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में जो लोग प्राधिकार काफी दूर एवं आने में असमर्थ होते हैं उनके लिए गूगल मीट के लिंक के माध्यम से भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है। परंतु कुछ लोक प्राधिकार उक्त लिंक के माध्यम से जुड़ने में असमर्थता व्यक्त करते हैं। इस स्थिति के कारण परिवाद की सुनवाई लंबी अवधि तक चलती रहती है।

Advertisement

उन्होंने कहा कि सभी लोग प्राधिकारों को निर्देश दिया जाता है कि परिवादों, अपील वादों की सुनवाई में विभाग निदेशों का अक्षरश अनुपालन करते हुए स्वयं अथवा अपरिहार्य कारण, विशेष परिस्थिति में उपस्थित नहीं होने की स्थिति में अधीनस्थ पदाधिकारी जो परिवाद के विषय वस्तु से भली-भांति अवगत हों, को सुनवाई में भाग लेने को प्राधिकार पत्र के साथ प्राधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से ससमय सार्थक कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ सुनवाई में उपस्थिति सुनिश्चित करायें। अन्यथा संबंधित लोक प्राधिकार के विरुद्ध बिहार लोक शिकायत निवारण के प्रावधानों के तहत अर्थदंड एवं विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

Share

Check Also

जीतन सहनी हत्याकांड में अभी और खुलेंगे राज, आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी में पुलिस।

दरभंगा: वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या मामले में अभी कई राज खुलने ब…