Home Featured नगर निगम की सफाई व्यवस्था से नाराज होकर पूर्व वार्ड पार्षद खुद सफाई करने उतरे नाले में।
June 19, 2021

नगर निगम की सफाई व्यवस्था से नाराज होकर पूर्व वार्ड पार्षद खुद सफाई करने उतरे नाले में।

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दरभंगा: शनिवार को दरभंगा नगर निगम सफाई गैंग लेबर, जेसीबी व ट्रैक्टर के साथ नगर निगम के पदाधिकारी व कर्मी वार्ड 29 में सफाई करने पहुंचे। उक्त स्थल पर पूर्व पार्षद डॉ मुन्ना खान एवं कई दुकानदार पहले से ही मौजूद थे। सभी लोग नगर निगम के सफाई कर्मियों को नाले का स्लैब उठाकर सफाई करने में सहयोग दे रहे थे। फिर भी निगम के कर्मी के द्वारा नाले की अच्छी तरह सफाई नहीं होते देख कई लोग निगम के कर्मचारी पर भड़क गये। पूर्व पार्षद डॉ खान भी सफाई कार्य से संतुष्ट नही थे। अंततः सफाई कर्मियों पर नाराजगी जताते हुए पूर्व पार्षद ने खुद नाले में उतर गए और अपने देखरेख में नाले की सफाई करवाया।

इस संबंध में पूर्व पार्षद मुन्ना खान ने कहा कि जब तक नाले की सही तरीके और गहराई से सफाई नहीं होगी, तब तक जल जमाव की स्थिति बनी रहेगी।

उन्होंने नगर निगम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोग कई दिनों से नारकीय स्थिति झेल रहे हैं और नगर निगम को आज होश आया है। वह भी सही ढंग से सफाई नही करके केवल खानापूर्ति केलिए सफाई कर्मी पहुंचे हैं।

सफाई कर्मियों को सुस्त रवैया से काम करते देख पूर्व पार्षद डॉ मुन्ना खान गुस्से में आ गए और खुद नाली के अंदर उतर कर नाली की सफाई का अंदाजा लगाया, नाले के अंदर कचरा और कीचड़ को देखकर सफाई कर्मियों को फटकार लगाई। तब जाकर नाले की सफाई अच्छी तरह से शुरू हो पाई। खान चौक से लेकर खानकाह मोड़ तक ही सफाई हो पाई अभी आधा नाला और बचा है ।

डॉ मुन्ना खान ने यह भी कहा कि अगर सड़क के दोनों तरफ के नाले की सफाई अच्छे से कर दी जाए तो खान चौक पर पंप लगाने की कोई जरूरत नहीं होगी। नगर निगम भ्रष्टाचारियों से भरा पड़ा है। पंप के किराये और डीजल में लगातार घपला हो रहा है। जनता खामोश है। जनता टैक्स देती है, मगर सवाल नहीं पूछती। निगम के पदाधिकारीयों से महापौर से सवाल नहीं करती एक पार्षद क्या कर सकता है?

उन्होने कहा कि अगर जनता ने साथ दिया तो नगर निगम में बैठे कर्मचारियों को करारा जवाब दिया जाएगा। अगर समय पर 90% सफाई हो गई होती तो आज सारा शहर जलमग्न नहीं होता। सांसद, विधायक , या फिर मेयर जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। कई बार लिखित आवेदन देने के बावजूद कोई काम नहीं हुआ। केवल झूठा आश्वासन दिया जाता है। बारिश का मौसम आते ही वार्ड नंबर 29 ,25, 30 एवं 24 के उत्तर का हिस्सा जलमग्न हो जाता है।

उन्होंने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने जो आवेदन दिया था उसका क्या हुआ! यदि सही समय पर एक्शन लिया गया होता तो आज इस क्षेत्र का जलजमाव नहीं होता।

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